Courtesy Desk: इंदौर। उज्जैन स्थित ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर परिसर में निर्माण कार्य के दौरान एक चौंकाने वाली पुरातात्विक खोज सामने आई है। महाराजवाड़ा से मंदिर तक बनाए जा रहे अंडरपास की खुदाई में शुक्रवार सुबह जमीन के भीतर से एक प्राचीन शिवलिंग मिला है, जिसे विशेषज्ञ करीब 2100 वर्ष पुराना मान रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में शिवलिंग पर संस्कृत और ब्राह्मी लिपि के संभावित अभिलेख दिखाई देने की बात सामने आई है। इसकी विस्तृत सफाई और परीक्षण के बाद इससे जुड़े ऐतिहासिक रहस्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।

सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के पुरातत्ववेत्ता तथा इतिहासकार प्रो. (डा.) रमण सोलंकी ने बताया कि महाकाल वन के कंकर-कंकर में शंकर का वास है। यह संपूर्ण परिक्षेत्र शिव साधकों का गढ़ रहा है। चौबीस खंभा माता मंदिर (महाकाल वन का प्राचीन प्रवेश द्वार) से हरसिद्धि और महाकालेश्वर मंदिर के आसापास शैव मंदिरों की श्रृंखला होने के प्रमाण मिलते हैं।
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कण कण में शंकर!! साक्ष्य है कि सनातन धर्म कितना पुरातन है।
Om namaya shiva